‘‘दीपावली पर्व के पूर्व अभिप्रेरणा सत्र’’ का आयोजन
3-Dec- 2018
दिनांक : 01/12/2018

मिठी गोबिन्दराम पब्लिक स्कूल में 
‘‘दीपावली पर्व के पूर्व अभिप्रेरणा सत्र’’ का आयोजन

होगी तभी सार्थक दिवाली, जब जन-जन में जगे दया, प्रेम, परोपकार,
पर्यावरण संरक्षण की संचेतना का हो सबके मन में मूल विचार

दिनांक 01 दिसंबर 2018 को ब्रह्मीन परमहंस संत हिरदाराम साहिबजी के आषीर्वाद एवं श्रद्धेय सिद्ध भाऊजी के मार्गदर्षन में मिठी गोबिन्दराम पब्लिक स्कूल में शैक्षणिक प्रगति के साथ संस्कार रोपण के कार्य को दृष्टिगत रखते हुए दीपावली पर्व के पूर्व अभिप्रेरणात्मक सत्र का आयोजन किया गया था। जिसके अंतर्गत विद्यार्थियों को ‘सार्थक दीपावली कैसे मनाई जाए’ इस विषय पर भावात्मक, उत्सव के उद्देश्य, प्रदूषण मुक्त, संवेदनशीलता के साथ दीपावली पर्व कैसे मनाएँ हेतु अभिप्रेरित किया गया। 
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य छात्रों को शिक्षा के साथ-साथ मानवीय मूल्यों जैसे दया, परोपकार, कृतज्ञता, आदरभाव, देशभक्ति तथा समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को जानने की भावना रोपित करना रहा। 
आज दिनांक 1 दिसंबर 2018 को पूर्व अभिप्रेरणात्मक सत्र में प्रदत्त व्यावहारिक नियम के अनुपालन छात्रों की अभिवृत्ति और दृष्टिकोण तथा व्यवहार में आए परिवर्तन के परख हेतु कक्षा पहली से आठवीं तक छात्रों ने ‘प्रदूषण मुक्त दीपावली कैसे मनाई?’ इस विषय पर विद्यार्थियों द्वारा अपने अनुभव व्यक्त किए।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से श्रद्धेय सिद्ध भाऊजी, संस्था सचिव श्री ए.सी. साधवानी जी, संस्था सदस्य श्री मनोहर वासवानी जी, विद्यालय कार्डिनेटर्स, शिक्षक-शिक्षिकाएँ एवं छात्र उपस्थित रहे।
संस्था मार्गदर्शक श्रद्धेय सिद्ध भाऊजी ने अपने उद्बोधन में सभी प्रतिभागियों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा अर्जन के साथ-साथ हमारे लिए मानवीय जीवन मूल्यों एवम् श्रेष्ठ संस्कारों से युक्त होना भी जरूरी है। संस्कारित शिक्षा द्वारा ही मानव सुयोग्य पदों पर आसीन होकर परिवार, समाज व देश को सही दशा व दिशा प्रदान कर सकता है। पाठ्येतर गतिविधियाँ इस उद्देश्य प्राप्ति में सहायक बनती है। अतः अपने माता-पिता गुरू व बड़ो के प्रति सम्मान का भाव रखते हुए अपने लक्ष्य के प्रति अग्रसर हो तथा आगामी परीक्षा को दृष्टिगत रखते हुए तकनीकी साधनों जैसे मोबाईल से पूर्ण रूप से दूरी बनाए अर्थात् आज ही मोबाईल अपनी माँ को दे दें तथा परीक्षा में शतप्रतिशत अंक लाने के लिए पूर्णमनों योग से जुट जाएँ ताकि अकादमिक स्तर पर भी श्रेष्ठतम् अंक प्राप्त हो सके।
विद्यालय प्राचार्य डॉ. अजय कांत शर्मा जी ने छात्रों को भाऊजी के द्वारा बताई गई बातों का हृदय से पालन करने तथा अध्ययन के प्रति संकल्पित होने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर कक्षा पहली से आठवीं के छात्रों ने अपने अनुभव बाँटते हुए बताया कि हमने विद्युत सज्जा में रंगीन चाइनिज लाइटों का प्रयोग न करते हुए इन वस्तुओं का बहिष्कार किया जिससे देश के कुम्हारों को रोजगार प्राप्त हो सकें। बाजार की बनी मिठाइयों का निषेध कर घर पर बनी मिठाई का सेवन किया तथा जरूरत मंद लोगों को वस्त्र, मिठाई, फल प्रदान किए ताकि वे भी प्रसन्नता पूर्वक त्योहार मना सकें।
अवकाश के समय माँ के कामों में हाथ बटाया गया ताकि स्वयं काम की आदत और माँ की मदद कर सकें।
इस अवसर पर मिट्टी की मूर्तियों का स्वयं निर्माण कर पूजन और आरती की। वातावरण प्रदूषित न हो इसलिए पटाखे नहीं चलाए गए ताकि वृद्ध, बीमार, बच्चे तथा पशु-पक्षी पटाखें की प्रदूषित गर्जना से बच सकें।
छात्रों के इन प्रयासों की सराहना करते हुए परम श्रद्धेय सिद्ध भाऊजी द्वारा पुरस्कार प्रदान कर विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का कुशल संचालन सुश्री सुचित्रा सेन द्वारा किया गया। 


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