कारगिल विजय दिवस
26-Jul- 2018
शहीद हेमू कालानी शैक्षणिक संस्थान में कारगिल विजय दिवस पर
विषेष सत्र का आयोजन

गुरूवार, दिनांक 26.07.2018 को परम श्रद्धेय सिद्ध भाऊ जी की पे्ररणा एवं मार्गदर्षन में कारगिल विजय दिवस पर अमर शहीदों को स्मरण कर गरिमामय कार्यक्रम में श्रद्धांजली दी गयी। प्रतिवर्ष संस्था इस कार्यक्रम का आयोजन अपने छात्र-छात्राओं में देष प्रेम की भावना उत्पन्न करने के लिये करती है। इस कार्यक्रम में संस्था से संबद्ध नवनिध हासोमल लखानी पब्लिक स्कूल, मिठी गोबिन्दराम पब्लिक स्कूल, साधू वासवानी स्कूल, संत हिरदाराम कन्या महाविद्यद्यालय एवं संत हिरदाराम प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग विज्ञान महाविद्यालय आदि समस्त संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। 
 इस कार्यक्रम में शहीद हेमू कालानी शैक्षणिक संस्थान के उपाध्यक्ष आदरणीय श्री हीरो ज्ञानचंदानी, सचिव श्री ए.सी. साधवानी, सभी संस्थाओं के प्राचार्य डाॅ. चरनजीत कौर, डाॅ. हिमांषु शर्मा, श्री मनीष जैन, श्री अजय शर्मा एवं समस्त षिक्षिकाएँं उपस्थित थे।
इस अवसर पर संस्था के सचिव श्री ए.सी. साधवानी जी ने छात्र-छात्राओं का आह्वान किया कि वे दैनिक जीवन में कुछ साधारण से दिखने वाले मूल्यों को अपनाकर अपने देष प्रेम का परिचय दें, जैसे अनुषासन में रहें एवं अन्न का निरादर न करें। उन्हांेने कहा कि सीमा पर हमारी रक्षा में प्राण न्यौछावर करने वाले शहीद सैनिकों के प्रति यही सच्ची श्रद्धांजलि होगी। 
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में कर्नल एन. पारवानी जी ने छात्राओं को कारगिल की विजय गाथा का विस्तृत वर्णन करते हुए कहा कि कारगिल विजय दिवस 26 जुलाई 1999 में दुनिया की सबसे ऊँचाई पर लड़ा गया युद्ध था जिसमें पाकिस्तानी सैनिकों के आत्मघाती हमले में भारतीय नौजवानों ने अपनी बहादुरी, जज्बे का सबूत दिया और जीत हासिल की। इस यु़द्ध 527 जवानों ने अपनी शहादत दे दी। भारत माता की रक्षा के लिए वह कर दिखाया जो असम्भव था। वह जज्बा था - देषभक्ति का, देष प्रेम का, जो सैनिकों ने इतनी तकलीफ उठाकर अपने देष के लिए, हमारी सुरक्षा के लिए अपने प्राण तक न्यौछावर कर दिये। उन्होंने विजुअल के माध्यम से कारगिल की भौगोलिक स्थिति बताते हुए युद्ध की यथार्थ स्थिति को छात्राओं के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंनें नौजवानों को युद्ध के दरम्यान आने वाली मुष्किलों एवं उनका सामना करने वाली स्थिति से परिचित कराया। यह युद्ध ऐसा था जिसको देष ने युद्ध के मैदान में नहीं अपने घरों में देखा। दूरदर्षन के माध्यम से पूरा देष सेना के साथ था। इस युद्ध ने पूरे देष को देषभक्ति के रंग मे रंग दिया था। श्री पारवानी जी ने कहा कि भविष्य में महाविद्यालय की छात्राएँ भी ऐसे वीरतापूर्ण कार्यों में भाग ले सकती हैं क्यों कि वर्तमान में सेना में महिलाओं का प्रवेष भी होने लगा है।
साथ ही इस कार्यक्रम में ईमानदारी पूर्ण कार्य को सम्मान देने की नैतिक जिम्मेदारी का निर्वाह करते हुए परम श्रद्धेय श्री सिद्ध भाऊ जी द्वारा मिठी गोबिन्दराम पब्लिक स्कूल के पीजीटी श्री राजीव भार्गव एवं छात्र पुनीत लालवानी का (कक्षा-बारहवीं) का सम्मान किया गया। श्री राजीव भार्गव जी ने माह मई व जून 2018 में गणित विषय की विषेष कक्षाएं लगाकर कर्मठता एवं तन्मयता का परिचय देते हुए छात्रों के अंकों में अविष्वसनीय वृद्धि करी। उनके इस योगदान के लिए परम श्रद्धेय सिद्ध भाऊ जी की ओर से उन्हें 10,000/- रूपये आषीर्वाद स्वरूप प्रदान किये।
छात्र पुनीत लालवानी ने मध्य प्रदेष आयकर विभाग द्वारा आयोजित राज्य स्तरीय निबंध लेखन प्रतियोगिता में द्वितीय स्थान प्राप्त कर संस्था का गौरव बढ़ाया। पूर्व में इन्हें मध्य प्रदेष के महामहिम राज्यपाल श्री आनंदी बेन पटेल के हाथों भी पुरस्कार प्राप्त हुआ। 
कार्यक्रम का सफल संचालन श्रीमती प्रमिता दुबे परमार द्वारा किया गया एवं धन्यवाद ज्ञापन श्री मनीष जैन द्वारा किया गया, जिन्होंने संस्था के अध्यक्ष श्रद्धेय श्री सिद्ध भाऊ जी को गुरूओं का गुरू बताते हुए उनके मार्गदर्षन में समस्त संस्थानों द्वारा देषभक्त नागरिक एवं भविष्य के सैनिक तैयार करने के संकल्प को दोहराया। शहीदों की स्मृति में दो मिनट का मौन रख कार्यक्रम का समापन किया गया।


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