महानायक नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस जन्मोत्सव के अवसर पर ‘महानायक नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस’ नाटक का भव्‍य मंचन
21-Jan- 2023
महानायक नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस जन्मोत्सव के अवसर पर शहीद हेमू कालानी एज्यूकेशनल सोसायटी के स्‍कूलों एवं कालेजों द्वारा ‘महानायक नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस’ नाटक का भव्‍य मंचन

परमहंस संत हिरदाराम साहिबजी के आशीर्वाद एवं श्रद्धेय सिद्ध भाऊजी की प्रेरणा एवं कर्नल नारायण पारवाणी के मार्गदर्शन में शहीद हेमू कालाणी एजूकेशनल सोसायटी द्वारा संचालित स्‍कूलों एवं कालेजों द्वारा अमर स्‍वतंत्रता संग्राम सेनानी Real Bengali Tiger नेताजी सुभाषचन्‍द्र बोस जन्मोत्सव अनूठे ढंग से मनाया गया ।

इस अवसर पर विद्यालयों के विद्यार्थियों और शिक्षक- शिक्षकाओं द्वारा नेताजी सुभाष चन्‍द्र बोस और उनके द्वारा संगठित ‘आज़ाद हिन्‍द फौज’ के योगदान और देश की स्‍वतंत्रता के लिये उनकी इस संघर्षपूर्ण यात्रा पर प्रकाश डालने वाला नाटक ‘’महानायक नेताजी सुभाषचन्‍द्र बोस (आज़ाद हिन्‍द फौज)’’ संत हिरदाराम ऑडीटोरियम में प्रस्‍तुत किया गया। नाटक का निर्देशन नवनिध स्‍कूल की शिक्षिका एवं कॉउंसलर डॉ अर्चना गुप्‍ता द्वारा किया गया।

नाटक के मंचन से पूर्व मिठी गोबिंदराम स्‍कूल की प्रभारी प्राचार्या श्रीमती आशा चंगलानी ने कार्यक्रम में पधारे सभी अतिथियों एवं श्रोताओं का स्‍वागत करते हुए एवं सोसायटी और विद्यालयों की प्रगति एवं उपलब्धियों की जानकारी देते हुए बताया कि सोसायटी द्वारा वर्तमान में 8 स्‍कूलों और 2 कालेजों का संचालन किया जा रहा है। इनमें विशाल बिल्डिंगों के आरामदायक फर्नीचर, आधुनिक तकनीक, संसाधनों, उपयुक्त रूप से डिज़ाइन की गई भौतिकी, रसायन विज्ञान, जीवविज्ञान, गणित और लैंग्‍वेज प्रयोगशालाओं से सुसज्जित कक्षाओं हैँ । इन कक्षाओं में इंटरएक्टिव स्मार्ट बोर्डों के माध्‍यम से विद्यार्थियों को अत्‍याधुनिक ढंग से शिक्षा प्रदान की जा रही है। शिक्षा के साथ बच्‍चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिये फुटबॉल मैदान, बास्केटबॉल कोर्ट, वॉलीबॉल मैदान, टोलर स्केटिंग फुटपाथ, बैडमिंटन कोर्ट, टेबल टेनिस रूम, मार्शल आर्ट रूम, और सुसज्जित व्यायामशाला(छात्रों हेतु ) है। विद्यार्थियों की रचनात्मकता को निखारने के लिए आर्ट एंड क्राफ्ट कक्षाएं, प्रकृति के प्रति प्रेम और देखभाल को आत्मसात करने के लिए बॉटनीकल पार्क तथा देशभक्ति और कर्तव्य की भावना जगाने के लिए सक्रिय एनसीसी यूनिट स्‍थापित है। विद्यार्थियों में मानवीय और पवित्र संस्‍कारों को रोपित एवं अभिप्रेरित करने के लिये श्रद्धेय सिद्ध भाऊजी के प्रेरक सत्रों का आयोजन किया जाता है जैसे कि माता-पिता की आज्ञा मानना, माँ को अपना बेस्‍ट फ्रेंड बनाना, पक्षियों को दाना-पानी देना, घर में आरती करना, क्षमा दिवस आदि। उनके स्वास्थ्य की बेहतरी के लिए बढ़ती जंक फुड संस्कृति को खत्म करने तथा उनमें स्‍वस्‍थ एवं पोषण युक्‍त आहर की आदत डालने के लिये आरोग्य केंद्र(जो कि विद्यालय परिसर मेँ ही है ) के माध्यम से उन्‍हें जूस और प्राकृतिक आहार उपलब्‍ध कराया जाता है। संत हिरदाराम मेडिकल कॉलेज ऑफ नेचुरोपैथी एंड योगिक साइंस फॉर वूमेन द्वारा नेचुरोपैथ तैयार होते हैं। संत हिरदाराम गर्ल्‍स कॉलेज में विभिन्‍न डिग्री कोर्स चलाये जाते हैं।

सोसायटी के सचिव श्री ए.सी. साधवानी ने संत हिरदाराम साहिबजी व श्रद्धेय सिद्ध भाऊजी द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य व मानव सेवा हेतु किए जा रहे कार्यों पर प्रभावी ढंग से प्रकाश डाला। श्रद्धेय सिद्ध भाऊ जी के मार्गदर्शन में संचालित समाज सेवा कार्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि जीव सेवा संस्थान, सेवा सदन नेत्र चिकित्‍सालय, आरोग्य केन्द्र एवं विभिन्‍न शैक्षणिक संस्‍थाओं के द्वारा शिक्षा, स्‍वास्‍थ्‍य व समाज सेवा के क्षेत्र में संचालित समाज कल्याण के कार्य न सिर्फ उपनगर को लाभांवित कर रहे हैं अपितु दूर दराज से आए हुए लोगों को भी एक स्वस्थ जीवन प्रदान करने में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने बताया कि ज़रूरतमंद एवं मेधावी विद्यार्थी आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रह जाएं इसलिए नव युवक परिषद की स्‍थापना की गई है जिसके द्वारा ऐसे लगभग 2100 विद्यार्थियों की पढ़ाई का समस्‍त भार वहन किया जाता है। शैक्षणिक संस्‍थाओं में अध्ययनरत विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करने के के साथ-साथ उनमें मानवीय मूल्यों को भी रोपित किया जाता है।

कर्नल नारायण पारवानी ने बताया कि आज के नाटक में आज़ादी के जिस अध्‍याय को प्रस्‍तुत किया गया है उसको बहुत ही कम लोगों ने पढ़ा है। अंग्रेज़ों द्वारा भारत को स्‍वतंत्रता प्रदान करने का प्रमुख कारण आज़ाद हिन्‍द फौज का गठन है. इन सैनिकों की वीरता और बहादुरी से डरकर ही अंग्रेज़ों ने भारत छोड़ा था। महात्‍मा गांधी ने भी कहा था –‘’सुभाष बाबू देश भक्‍तों के देश भक्‍त हैं।‘’ जापान नरेश ने उन्‍हें ‘इंडियन समुराई कहा था। इस नाटक को मि‍लेट्री दृष्टिकोण से प्रस्‍तुत किया गया है जिसका उद्देश्‍य है विद्यार्थी एवं जनमानस देश की आज़ादी की लड़ाई में नेताजी के योगदान को और उनके जीवन की ऐसी बहुत सी बातें जो अभी तक आम-जन तक नहीं पहुंच पाई हैं, को समझें ताकि उनके मन में भी देश-प्रेम की भावना बलवती हो और समय आने पर इस पवित्र उद्देश्‍य के लिए वे स्‍वयं भी समर्पित होने के लिए तैयार हो जाएं।

कार्यक्रम के मुख्‍य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी श्री नितिन सक्‍सेना ने अपने उद्बोधन में नेताजी की जीवनी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारत संत भूमि है जहां नेताजी सुभाष चन्‍द्र जैसे वीर सदियों में एक बार जन्‍म लेते हैं। इन ऐतिहासिक महानायकों के संघर्षशील जीवन एवं उनके अथाह देशभक्ति की भावना का ही सुखद परिणाम है कि आज भारत प्रत्येक क्षेत्र में प्रगति कर विश्‍व गुरू होने के सपने को साकार करने हेतु प्रयत्‍नशील है। उन्होंने भारत को आत्मनिर्भरता के सोपान तक पहुँचाने वाले इन राष्ट्रभक्तों के संघर्षों की कहानियों के प्रति नतमस्तक होते हुए देश प्रेम की भावना से पल्लवित ऐसे नाटकों के मंचन हेतु श्रद्धेय भाऊ जी के प्रति अपना आभार व्यक्त किया।

इस अवसर पर शहीद हेमू कालानी एजूकेशनल सोसायटी के अध्‍यक्ष परम श्रद्धेय सिद्ध भाऊजी ने अपने आशीर्वचनों में कहा कि यह बहुत ही पीड़ादायक और दु:खद बात है कि देश की स्‍वतंत्रता के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले वीर पुरुषों की जीवनी को पाठ्य-पुस्‍तकों में स्‍थान नहीं दिया गया है। उन्‍होंने कार्यक्रम के मुख्य अतिथि जिला शिक्षा अधिकारी श्री नितिन सक्सैना से अपील की कि शताब्‍दी के महानायक नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जीवनी को पाठ्य पुस्तकों में स्थान दिया जाए ताकि विद्यार्थी वर्ग इस राष्ट्र नायक के आभामय व्यक्तित्व से परिचित हो सके तथा वे नेता जी के गुणों को अपने जीवन में आत्मसात करें जिससे भारत को स्वस्थ एवं देशभक्ति की प्रेरणा से भरे नवयुवक मिल सकें। इसी क्रम में उन्होनें कहा कि हमारे विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में राष्ट्र भावना से ओतप्रोत नाटकों का मंचन ही वास्तव में इन महानायकों को सच्ची श्रद्धांजलि है।

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से सुधार सभा के महासचिव श्री विष्‍णु गेहाणी, जीव सेवा संस्‍थान के सचिव श्री महेश दयारामानी, दीपमाला पगाराणी संस्‍कार स्‍कूल के सचिव श्री बसंत चेलानी, नवयुवक परिषद के महासचिव श्री थांवरदास वरलानी, शहीद हेमू कालाणी एजूकेशनल सोसायटी के उपाध्‍यक्ष श्री हीरो ज्ञानचंदानी , ज्‍वांइट सेक्रेटरी श्री के.एल. रामनानी, अकादमिक डायरेक्टर श्री गोपाल गिरधानी, प्रशासनिक अधिकारी श्री भगवान बाबाणी, अकेडमिक हेड श्रीमती जयश्री मूर्ती, विभन्‍न स्‍कूलों/कालेजो के प्राचार्यगण श्रीमती अमृता मोटवानी, श्रीमती आशा चंगलानी, श्रीमती वर्षा त्रिपाठी, श्री राजशे लालवानी, डॉ डालिमा पारवानी, श्रीमती प्रिया जैन शर्मा, सुश्री ज्‍योति चौहान, श्रीमती मिष्‍टी वासवानी, कोआर्डीनेटर्स, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित थे ।

इस अवसर पर श्रद्धेय सिद्ध भाऊ जी द्वारा श्री नितिन सक्‍सैना, कर्नल नारायण पारवानी, नाटक की निर्देशिका डॉ. अर्चना गुप्‍ता का सम्‍मान शाल, श्रीफल, पुस्‍तकों एवं स्‍मृति चिन्‍ह से किया गया।

कार्यक्रम के दौरान शहीद हेमू कालानी को उनके शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि दी गई। कुशल संचालन श्रीमती नेचुरपैथी कालेज की एडमिशन कॉउंसलर श्रीमती प्रमिता दुबे परमार द्वारा किया गया। समस्त उपस्थितों का आभार नवनिध हासोमाल लखानी पब्लिक स्कूल की प्राचार्या श्रीमती अमृता मोटवानी द्वारा व्यक्त किया गया
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