मिठ्ठी गोबिंदराम पब्लिक स्कूल में मेधावी छात्र समारोह
6-Jul- 2018
दिनांक 05.07.2018
मिठ्ठी गोबिंदराम पब्लिक स्कूल में मेधावी छात्र समारोह
नए सृजन के संवाहक हम प्रगति पथ के राही हैं,
हम प्रतिबद्ध पहरूए युग के हम सन्नद्ध सिपाही हैं।

दिनांक 5 जुलाई 2018 ब्रह्मलीन परमहंस संत हिरदाराम साहिब जी के असीम आशीष एवं संस्थान के प्रेरणापुरूष, पथ प्रदर्शक, कर्मनिष्ठ श्रद्धेय सिद्ध भाऊजी की पावन सानिध्य में कक्षा दसवीं एवं बारहवीं CBSE बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट अकादमिक प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों हेतु ‘मेधावी छात्र सम्मान’ समारोह का संत हिरदाराम सभागार में आयोजित किया गया। इस समारोह का मूल उद्देश्य शिक्षकों के शिक्षण की प्रतिबद्धता, विद्यार्थियों प्रयासों, कठिन परिश्रम, अभिभावकों के सहयोग एवं त्यागभाव की भावना को प्रोत्साहन देना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती, माँ भारती एवं ब्रह्मलीन संत हिरदाराम साहिब जी के चित्रों पर माल्यार्पण, दीप प्रज्जवलन एवं गुुरू वंदना के साथ हुआ। 
इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में संस्था के अध्यक्ष श्रद्धेय सिद्ध भाऊजी, श्री ए.सी. साधवानी (सचिव, शहीद हेमू कालानी शिक्षा संस्थान), कर्नल नारायण पारवानी जी, डाॅ. अजयकांत शर्मा (प्राचार्य), श्रीमती रीटा गुरवानी (उपप्राचार्य) काॅर्डिनेटर्स, शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहें।
संस्थान के प्रेरणापुंज परम श्रद्धेय सिद्ध भाऊजी ने इस अवसर पर सभागार में उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों एवं अकादमिक उत्कृटता प्रदर्शित करने वाले विद्यार्थियों को असीम शुभकामनाएँ प्रदान करते हुए कहा कि परोपकारिता की भावना अमूल्य पूँजी है। जिसे माता-पिता को संतान के जन्म के साथ ही रोपित करें। पक्षियों को दाना-डालने की आदत विकसित करें जो निरीह जीवों के प्रति संवदेन शीलता बढ़ाएगी। प्रत्येक व्यक्ति को अपना शारीरिक, मानसिक, बौद्धिक एवं आध्यत्मिक विकास स्वयं करना होगा। अतः नियमित रूप से आरती और प्रार्थना करें। यह भाव ईश्वर से हमारा वास्तविक मिलाप है। विद्यार्थी जीवन तपस्या का जीवन है जिसमें धैर्य, संघर्ष, त्याग की भावना रखते हुए कठिन परिस्थिति में स्वयं को मानसिक और शारीरिक रूप से सबल बनाना अनिवार्य है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपील की कि वे अपने माता-पिता के त्याग सम्र्पण भाव के प्रति कृतज्ञता का भाव रखें। नियमित रूप से उनके चरणों के रज लें। यह रज भाग्योदय में सक्षम है। अंहकार का त्याग कर विनम्र बनें। क्योंकि लघुता से ही प्रभुता प्राप्त होती है। सदैव सत्संगति, सत्साहित्य का अपने दैनिक जीवन में समागम करें इसी से हमारे विचार परिपक्व होते है इन्हीं विचारों से व्यवहार बनता है यही व्यवहार परिणीत होकर समाज में हमारा स्थान निर्धारित करता हैै। अतः अपने समय और शक्ति को लक्ष्य प्राप्ति में लगाते हुए आत्मावलोकन करते हुए पूर्ण एकाग्रता के साथ अध्ययन के प्रति गंभीरता रखें ताकि आप सफलता के शिखर को छू सकें। 
संस्थान सचिव, श्री ए.सी. साधवानी ने पुरुस्कार प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं अभिभावकों को आत्मीय बधाई देते हुए कहा कि सतत् परिश्रम एवं प्रयासों का परिणाम ही सफलता है। उन्होंने सफलता का मूलमंत्र एकाग्रता, सजगता, कठिन परिश्रम, तकनीकी साधनों का यथोचित प्रयोग एवं लगनशीलता को बताया। अकादमिक उत्कृष्टता के साथ ही उन्होंने वर्तमान परिप्रेक्ष्य में अंग्रेजी भाषा के संभाषण ज्ञान आवश्यक है। अतः आज की सफलता ठहराव नहीं बल्कि आगामी जीवन का प्रारंभ है इसे निरंतरता देने के लिए सकारात्मक सोच, योजनाबद्ध अध्ययन प्राणाली की अपने जीवन में अनिवार्य स्थान दें।
    विद्यालय प्राचार्य डाॅ. अजयकांत शर्मा जी ने अपने उदबोधन में अकादमिक उत्कृष्टता प्रदर्शित करने वाले समस्त विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों हार्दिक शुभकामनाएँ प्रदान की। उन्होंने कहा विश्वास जीवन का सेतू है। यह जीवन की चुनौतियों एवं कठिनाइयों को दूर करने की अचूक औषधि भी है। आज का यह समारोह अभिभावकों, शिक्षक एवं छात्रों के इसी आत्मीय विश्वास का प्रमाण है। अतः अध्ययन के प्रति गंभीर रहें। वर्तमान जीवन की यही गंभीरता शिक्षित वर्ग का निर्माण करेगी जो आगामी शिक्षित समाज का निर्माण बनेगा। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे मोबाइल से दूरी बनाएँ। वास्तव में यह आनंद का नहीं अपितु जीवन में विषाक्त घोलने का साधन है। अध्ययन के साथ ही अच्छे इंसान बनने का प्रशिक्षण भी स्वयं को देना आवश्यक है। 
कक्षा बारहवीं के विद्यार्थियों श्रीमय खेर, यश परयानी, नितिन तोलानी तथा कक्षा दसवीं के पवन रायचंदानी ने अपने अभिभाषण में बोर्ड परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन एवं उपलब्धि का संपूर्ण श्रेय संस्थान के प्रेरणा स्त्रोत परम श्रदेधय सिद्ध भाऊजी के सतत् मार्गदर्शन, प्राचार्य, शिक्षकों तथा अपने अभिभावकों सहायोग को बताया। उन्होंने कहा कि सफलता प्राप्ति के लिए सतत् प्रयास नियमित अध्ययन तथा योजनाबद्ध कार्यशैली आवश्यक है।
संस्थान द्वारा अगामी सत्र में प्रबंधन समिति द्वारा प्रतिभावान छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की पहल की जाएगी।
विद्यालय उपप्राचार्य श्रीमती रीटा गुरबानी ने पुरस्कार प्राप्त छात्रों को बधाई देते हुए अन्य छात्रों को भी आगामी सत्र में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे अपने जीवन में सदैव अच्छी आदतों को ग्रहण करें। धैर्य को बनाएँ रखें तथा प्रार्थना की शक्ति में विश्वास करें। साथ ही सभागार में उपस्थित अभिभावकों, शिक्षकों, विद्यार्थियों का आत्मीय आभार व्यक्त किया। 
कार्यक्रम का कुशल संचालन श्रीमती महिमा परहाग, श्रीमती शशि नाथ तथा विद्यालय छात्र आदित्य कपूर, कुशल गुबानी द्वारा किया गया।


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